1997 से २००५ के बीच महाराष्ट्र में करीब 29000 किसानों ने आत्महत्या कर ली. 2004 से 22 अक्टूबर से 2011 तक ये आंकड़ा 8652 को पार कर गया. इस साल अबतक लगभग 647 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. मजलूम, मजदूर, दलित और किसानो की इस देश में यही कहानी है. मिडिया और सरकार आंकड़ों में न जाने किस विकास की बात करते हैं. ???

1997 से २००५ के बीच महाराष्ट्र में करीब 29000  किसानों ने आत्महत्या कर ली.  2004 से    22 अक्टूबर से 2011 तक ये आंकड़ा 8652 को पार कर गया. इस साल अबतक लगभग 647 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. मजलूम, मजदूर, दलित और किसानो की इस देश में यही कहानी है.  मिडिया और सरकार  आंकड़ों  में न जाने किस विकास की बात करते हैं. ??? 

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